कहां खजाना गड़ा हुआ है ? भारतीय मान्यताएं

प्राचीनकाल में लोगो के शरीर पर भरी भरकम सोना लदा होना सामान्य बात थी। स्वर्ण मुद्राएं चलती थी और लोग सोने का मुकुट पहनते थे। मंदिरों में टनों सोना रखा रहता था। सोने के रथ बनाए जाते थे और प्राचीन राजा-महाराजा स्वर्ण आभूषणों से लदे रहते थे। सैंकड़ों वर्षों की लूट के बावजूद भारत में आज भी टनों से सोना, चांदी, जेवरात, गिन्नियां आदि गड़ा हो सकता है। चलिए जानते हैं कि किस तरह जाना जा सकता है कि कहां खजाना गड़ा हुआ है और आपको वह मिलेगा या नहीं?

कौतुक चिंतामणी, रावण संहिता और वराह संहिता के अनुसार निम्नलिखित स्थित में गड़ा धन हो सकता है।
*जिस भूमि के आसपास जल स्रोत नहीं होने पर भी वह भूमि नम दिखाई दे और साथ ही आसपास किसी काले सर्प के होने की निशानी दिखाई दे तो निश्चित ही जान लो कि वहां पर गड़ा धन होगा।


*जहां की मिट्टी में कमल के फूल जैसी सुगंध आती है। वहां पर धन संपदा छिपी हो सकती है।
*ऐसा भी कहा जाता है कि किसी स्थान पर बाज, कौआ, बगुला या अन्य बहुत सारे पक्षी बहुतायत में बैठते हैं वहां भी धन संपदा के होने की संभावना प्रबल रहती है।


* यदि किसी एक ही जगह पर बहुत सारे पेड़ हों, लेकिन उनमें भी किसी एक ही जगह पर पक्षी बैठता हों और वह भी यदि कोई बाज और कबूतर एक साथ बैठे हो तो उस जगह पर निश्चित ही भूमि में धन छिपा होता है।
*जहां बारिश होने पर पानी वाली जगह पर घास न उगती हो लेकिन गर्मी के मौसम में धूप में भी घास उगती हो वहां ज़मीन के अंदर संपत्ति की संभावना।
*जहां सांप, नेवले या गिरगट निकलते हों या उनके बिल हों वहां भी गड़ा धन होने की संभावना बतायी जाती है।
*इसी तरह जहां पौधे प्राकृतिक कद से ऊंचे हों वहां भी गड़ी संपत्ति मिलने की संभावना रहती है।

किस्मत का धन : किस्मत का धन या गड़ा खजाना सिर्फ उसे ही मिलता है जो छल कपट से परे है या जिसके पूर्वज उसके लिए खजाना छोड़कर गए हैं। यदि आपको यह पता चले कि अमुक भूमि के नीचे खजाना है तो भी आप उसे हासिल नहीं कर सकते जब तक की आपका मन निर्मल और आपका उद्येश्य सही नहीं है। उक्त खजाने को निकालने की पूजा विधि भी होती है।

कहते हैं कि यदि आपकी किस्मत में गड़ा हुआ धन लिखा है तो वह कहीं पर भी होगा तो खुद ब खुद चलकर आपके पास तक आ जाएगा या आप अनजाने में ही उसके पास चलें जाएंगे। अत: यह जानना जरूरी है कि जो व्यक्ति खजाने की खोज में निकला है हो सकता है कि उसकी किस्मत में खजाना न हो?

अगर आपको सपने में कमल का फूल दिखे या आप कमल के पत्ते पर स्वयं को भोजन करते देखें तो ये भी इस बात का संकेत है कि आपको भविष्य में कहीं से गड़ा धन मिल सकता है।

*कहते हैं कि गुप्त धन प्राप्ति के लिए माता का एक मंत्र ॐ ह्रीं पद्मावति देवी त्रैलोक्यवार्ता कथय कथय ह्रीं स्वाहा।। इस मंत्र को रात्रि में सोने से पूर्व एक माला रोज जपे। कुछ दिनों बाद गड़ा धन कहां है इसकी आपको स्वप्न में जानकारी मिल जाएगी।

रावण संहिता के अनुसार सपने, शगुन और स्वर विज्ञान के माध्यम से व्यक्ति को यह संकेत मिल जाते हैं कि उसे सोने के जेवहरातों से भरा चांदी का घड़ा या खजाना मिल सकता है। कहते हैं कि कुछ लोगों को सपने में अक्सर सफेद सांप या जलता हुआ दीपक दिखाई देता है। इसका मतलब यह कि उनके लिए को खजाना गाड़ कर गया है, जो संकेत दे रहा है।

रावण और वाराह संहिता के अनुसार अगर आपके भाग्य में गड़ा धन मिलना लिखा है तो आपको सपना आएगा। इस सपने में जिस स्थान पर धन गड़ा हुआ है वहां सफेद नाग दिखाई देगा। ऐसी संभावना होती है कि आपके पितरों ने सफेद नाग के रुप में दर्शन देकर उस जगह का पता बताया है जहां उन्होने आपके लिए धन गाड़ कर रखा होगा। ये सफेद नाग रुपी पितर उस खजाने की रक्षा करते रहते हैं।

सपने में अगर आपको पुराना मंदिर, आभूषण से भरा बॉक्स, शंख और कलश जैसी चीजें दिखें तब भी समझें कि आपके भाग्य में अचानक कहीं से पैतृक संपत्ति मिलने के योग हैं।

यदि कोई सपने में देखे कि उस पर कानूनी मुकदमा चलाया जा रहा है, जिसमें वह निर्दोष छूट गया है, तो उसे अतुल धन संपदा की प्राप्ति होती है।

कहीं जाते समय नेवले द्वारा रास्ता काटना या नेवले का दिखना शुभ संकेत होता है। नेवला दिखना धन लाभ का संकेत होता है। आप सोकर उठे हों और उसी समय नेवला आपको दिख जाए तो गुप्त धन मिलने की संभावना रहती है।

*किसी जातक की जन्म कुण्डली में यदि चन्द्रमा ग्रह बृहस्पति के स्वामी भाव में युग्म में स्थित हो तो ऐसे जातक को गडे हुए धन की प्राप्ति होती है।

*यदि अष्टम भाव का मालिक उच्च का हों तथा धनेश व लाभेश के प्रभाव में हों तो व्यक्ति को निश्चित रूप में अचानक धन लाभ होता हैं। पूर्व समय में इस योग को गढेे धन प्राप्‍ति के लिये अहम माना जाता था। इस योग की खासियत होती हैं कि ये अचानक प्राप्त होता है।

*मस्तिष्क रेखा सही स्थिति में हो यानी कि टूटी या कटी हुई नहीं हो। साथ ही भाग्य रेखा की एक शाखा जीवन रेखा से निकलती हो। हथेलियां गुलाबी व मांसल हो तो करोड़ों में संपदा होने का योग बनता है।

*सपनों या दूसरे चिन्हों के आधार पर आपको गड़े धन वाले स्थान का पता चल जाए तो इसके लिए आपको पहले पता करना होगा कि क्या वाकई जहां आप गड़े धन की संभावना देख रहे हैं, वहां गड़ा धन है भी या नहीं? इसके लिए आपको धन का अंदेशा होने वाले स्थान पर 40 दिन तक शु्द्ध घी का दीप एक लौंग के साथ जलाना चाहिए। 40 दिन के अंदर ही आपको सपने में इस बात के संकेत मिल जाएंगे कि आपको उस स्थान की खुदाई करनी है या नहीं?

*दूसरा तरीका ये है कि आप धन होने की संभावना वाली जगह पर एक लकड़ी की चौकी रखें। उस पर पान या पीपल का पत्ता रख कर उस पर एक सुपारी रखें। फिर हल्दी, कुंकुम, अक्षत और सुपारी रख कर घी का दीप जलाएं। ऐसा 40 दिन तक करें। बाद में सारे पत्ते और सुपारी को विसर्जित करते हुए ये प्रार्थना करें कि कोई अज्ञात शक्ति आपको गड़े धन का संकेत दे। अगर उस स्थान पर धन होगा तो आपको सपने में या फिर किसी दूसरी तरह से संकेत मिल जाएगा।

*यदि आपको ऐसा लगता है कि किसी स्थान पर धन गढ़ा हुआ है और आप वह धन प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए एक मंत्र है ‘मंत्र: ऊं नमो विघ्नविनाशाय निधि दर्शन कुरु कुरु स्वाहा।’ इसे दस हजार बार विधिवत जपने के बाद किसी जानकार से उक्त भूमि की शुद्धि करायी जाती है और वहां से सभी तरह की आपदा को हटाया जाता है। लेकिन यदि जानकार सही नहीं है तो इसके दुष्‍परिणाम भी भुगतने होते हैं।

  • मान्यता है कि जानबूझकर छिपाकर रखे गए अधिकतर धन के भंडार को मंत्रों से बांधा गया है। ऐसे धन को प्राप्त करने के लिए किसी जानकार से उक्त मंत्रों को जानकर ही उस खजाने को पाया जा सकता है। कहते हैं ऐसे कुछ बंधन के रक्षक कोई भूत या प्रेत भी हो सकते हैं। खजाने के मालिक किसी जानकार से जमीन में गाड़ने के बाद उस जमीन के आस-पास तंत्र-मंत्र द्वारा ‘नाग की चौकी’ या ‘भूत की चौकी’ बिठा देते थे। हालांकि ऐसे धन को प्राप्त करना खतरनाक होता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *