पीपीएफ अकाउंट क्या है? | PPF account in hindi

पीपीएफ अकाउंट क्या है?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ अकाउंट निवेश का विकल्प है. इस खाते में सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है.

ब्याज आय पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है. मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स के दायरे में नहीं आती है.

इतने सारे टैक्स बेनिफिट को देखते हुए लोग अपने बैंक/पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ खाता खुलवाते हैं.

इसकी मदद से लोग काफी रकम जोड़ लेते हैं.

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) स्कीम की शुरुआत छोटी बचत जमा करने के लिए शुरू की गई थी ताकि देश की बड़ी आबादी अपने रिटायरमेंट के लिए बचत कर सके और अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सके।

इस योजना पर न सिर्फ शानदार रिटर्न मिलता है, बल्कि यह आपको इनकम टैक्स पर छूट भी दिलवाती है.

PPF में साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है.

ध्यान रहे कि आप अपने पीपीएफ खाते में किसी भी साल में इससे ज्यादा पैसे न जमा करें, क्योंकि इस पर आपको न तो ब्याज मिलेगा और न ही आपको आयकर अधिनियम के तहत छूट ही मिलेगी।

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पीपीएफ खाते में हर साल न्यूनतम 500 रुपये का निवेश करना जरूरी है। आप देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में अपना पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं।

आपको रिटर्न और टैक्स बचत के साथ-साथ और भी कई फाएदे मिलेंगे।

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कितने समय में मैच्योर होती है रकम?

पीपीएफ खाते में 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है. यानी इसमें 15 साल से पहले पैसा नहीं निकाल सकते हैं. मैच्योरिटी पर निवेशक को दो विकल्प मिलते हैं:

  1. खाते से पैसे को निकाल ले और खाता बंद कर दे.
  2. पांच साल के ब्लॉक में खाते को चालू रखे.

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अकाउंट बंद करने की प्रक्रिया क्या है?

अगर आप खाते को बंद करने का विकल्प चुनते हैं तो आपको उस बैंक की ब्रांच/पोस्ट ऑफिस जाना पड़ेगा जहां खाता खुला है.

खाते में जमा पैसे को निकालने और इसे बंद करने के लिए एक लिखित आवेदन देना होगा. इसके लिए ओरिजनल पासबुक की जरूरत होगी.

उस बैंक खाते की डिटेल देनी होगी, जिसमें पैसे को ट्रांसफर कराना है.

कैंसल किए हुए चेक के साथ पते और पहचान का प्रूफ अटैच करना होगा. खाते की लॉक-इन अवधि पूरी हो गई है कि नहीं, बैंक/पोस्ट ऑफिस इसे चेक करेगा. अगर ऐसा हो गया है तो खाते को बंद कर दिया जाएगा. मैच्योरिटी की रकम बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.

पांच साल के ब्लॉक में खाते को चालू रखने की प्रक्रिया क्या है?


इस मामले में आपको खाते के मैच्योर होने के एक साल के भीतर एक निर्धारित फॉर्म में बैंक/पोस्ट ऑफिस को लिखित में सूचना देने की जरूरत होती है. आप बिना किसी नए कॉन्ट्रिब्यूशन के जमा रकम के साथ खाते को चालू रख सकते हैं.

दूसरा विकल्प यह है कि आप निवेश करते हुए ऐसे डिपॉजिट पर टैक्स डिडक्शन का फायदा उठाते रहें. मैच्योरिटी के बाद पांच साल का एक ब्लॉक पूरा हो जाने पर खाते को और पांच वर्ष के लिए चालू रखा जा सकता है. इस क्रम को जब तक चाहें चला सकते हैं.

अकाउंट जब तक बंद नहीं किया जाता है, तब तक इससे ब्याज आय होती रहेगी.

पीपीएफ अकाउंट (Public provident fund) होल्डर को भारत सरकार सुरक्षा की गारंटी देती है. सुरक्षा के साथ पीपीएफ (PPF) में टैक्स की बचत भी है.

इस तरह पीपीएफ खाते के बहुत सारे फायदे हैं. अभी प्रोविडेंट फंड (provident fund) पर सालाना ब्याज की दर 8.65 फीसदी है.

प्रोविडेंट फंड एक जरूरी रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम (Retirement savings scheme) है. यह खाता कंपनी की ओर से ही खोला जाता है. कंपनी इसमें हर महीने आपकी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी पैसा काटकर जमा कराती है और कंपनी खुद भी 12 फीसदी तक पैसा जमा करती है. इस पूरे पैसे पर सालाना ब्याज दिया जाता है.

PPF account ki jankari

पीपीएफ अकाउंट के बारे में बातों का ध्यान रखें

पीपीएफ खाता संयुक्त नामों में नहीं खोला जा सकता है. जिस तरह आप सेविंग या करंट अकाउंट में अपने किसी साथी का नाम शामिल कर लेते हैं.

लेकिन PPF अकाउंट केवल एंप्लाई का ही खोला जाता है, उसमें किसी और का नाम शामिल नहीं कर सकते.

एक अभिभावक अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर पीपीएफ खाता खोल सकता है. लेकिन अगर अभिभावक के पास पहले से ही खुद का पीपीएफ खाता है, तो बच्चे के खाते सहित अभिभावक के खाते में सालाना केवल 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं.

यदि नाबालिग के PPF खाते में योगदान माता-पिता/अभिभावक की आय से है, तो माता-पिता/अभिभावक इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं.

जब नाबालिग 18 साल का हो जाए, तो नाबालिग से व्यस्क का स्टेटस बदलने के लिए एक एप्लिकेशन देनी होती है.

व्यस्क हुए नाबालिग के हस्ताक्षर को उसके अभिभावक द्वारा अटेस्टेड करना होता है. इसके बाद पीपीएफ अकाउंट का ऑपरेशन व्यस्क करने लगता है.

एक एनआरआई (NRI) नया पीपीएफ खाता नहीं खोल सकता है. लेकिन एनआरआई अपने पहले से चल रहे पीपीएफ खातों को जारी रख सकते हैं. वे अपने मौजूदा PPF खातों में नया योगदान नहीं दे सकते हैं.

पीपीएफ खाते में ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख और आखिरी तारीख के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर होती है.

इसलिए ब्याज को अधिकतम करने के लिए ग्राहक को प्रत्येक महीने की 5 तारीख से पहले अपना योगदान या एकमुश्त रकम जमा करनी चाहिए.PPF account के 7 साल पूरे जाने पर आप उसमें से कुछ रकम निकाल सकते हैं.

PPF से आंशिक निकासी भी कर-मुक्त (tax free) है. और खाते से निकाली गई रकम टैक्स फ्री होती है. ppf खाते का पीरियड 15 साल का होता है.

कर्ज वसूलने के लिए किसी व्यक्ति का पीपीएफ खाता जब्त नहीं किया जा सकता है.

कोर्ट भी PPF खाते की रकम से कर्ज का भुगतान करने के लिए नहीं कह सकता है.

खाते के पहले 15 साल के दौरान 7वें साल से कुछ शर्तों के साथ आंशिक भुगतान संभव है

PPF खाते के 15 साल के हो जाने पर भी कुछ पैसे निकाल सकते हैं.